​🇮🇳 भारत की आन बान शान: हिंदी

Speech

14 सितंबर का दिवस एस.एस.डब्ल्यू.एस. के प्रांगण में उत्साह और नई चेतना लेकर आया। यह दिन हिंदी भाषा दिवस के रूप में मनाया गया। हालाँकि, इस उत्सव की शुरुआत लगभग सात दिन पहले ही ‘हिंदी सप्ताह’ के रूप में हो चुकी थी। पूरे सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ कविता, नाट्य और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

“हिंदी भाषा भारत का अस्तित्व ही नहीं, बल्कि उसकी आवाज़ भी है,” इस भावना को सशक्त बनाने तथा भाषा की सुरक्षा और संवर्धन के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े प्रश्नोत्तरी, मुहावरा-आधारित नाट्य (Role-play) प्रतियोगिता, सामाजिक विषयों पर चित्र-निर्माण, श्रुतलेखन, कहानी लेखन आदि गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

14 सितंबर को साप्ताहिक विशेष असेंबली/सभा के पश्चात एस.एस.डब्ल्यू.एस. के कला-दालान में एक विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में हिंदी को भारत की राजभाषा और संपर्क भाषा के रूप में अपनाने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कक्षा 8 के छात्रों ने हिंदी की महत्ता पर प्रेरक और सारगर्भित भाषण प्रस्तुत किए।

कक्षा तीन से पाँच तक के विद्यार्थियों ने अपनी स्वयं-रचित कविताएँ सुनाकर सभी को प्रभावित किया। वहीं कक्षा 4 के छात्रों ने ‘हिंदी भाषा और उसकी बहनें’ शीर्षक से एक सुंदर नाट्य प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य समाज में भाषागत भेदभाव को समाप्त कर समानता का संदेश देना था।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत की ऊर्जावान प्रस्तुति हुई, जिसने बच्चों में जोश और प्रेरणा का संचार कर पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया। अंत में, विद्यालय की प्रधानाचार्या तथा स्नेहा मैम ने हिंदी भाषा का सम्मान करते हुए छात्रों को हिंदी में ही प्रेरक संदेश और मार्गदर्शन दिया।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह दिन एस.एस.डब्ल्यू.एस. के लिए अत्यंत यादगार और प्रेरणादायक बन गया।

।।जय हिंद जय भारत।।

Anchjor
Drawing

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll Up

Enquiry

Learn more about us, complete the online inquiry form.